3 नवंबर 2020

Ujt क्या है और उसका निर्माण कैसा है और अनुप्रयोग।

 UJT in hindi - UJT क्या है और उसका निर्माण कैसा है।

हेलो दोस्तों आज हम बहुत ही इंटरेस्टिंग टॉपिक के बारे में बात करने वाले हैं और उस का नाम UJT है मैं आपको UJT क्या है और उसका निर्माण कैसा है और प्रतीक के बारे में बेसिक और अन्य Important जानकारियां बताऊंगा तो चलिए शुरू करते हैं।


what is UJT - UJT kay hai - UJT क्या है:

UJT का full form Uni-junction transistor है इसमें एक ही जंक्शन होने के कारण इसका नाम यूनी जंक्शन ट्रांजिस्टर पड़ा। यूनि का मतलब एक होता है। जो कि इलेक्ट्रॉनिक में कहा जाता है। इसमें एक जंक्शन होने का कारण silicon slab है जिसकी वजह से एक ही जंक्शन निर्माण या बनता है। जैसे कि नीचे दिए गए आकृृति में है। 

UJT in hindi

Uni-junction transistor के तीन टर्मिनल Base one (B1) Base two (B2) और Emitter. UJT का मुख्य तौर पर इस्तेमाल ट्रिगर करने में किया जाता है। इससे ज्यादातर SCR को triggered किया जाता है। 


Symbol of UJT - UJT का प्रतीक:

UJT का सिंबॉल तीन टर्मिनल से बना हुआ है जिसमें मुख्य टर्मिनल Emitter और अन्य टर्मिनल B1 & B2 है। emitter को E से दिखाया जाता है।


Symbol of UJT: 

Symbol of UJT

UJT का निर्माण - Construction of UJT:

UJT के कंट्रक्शन में dopped N-type silicon material slab को Subtract के रुप में दिखाकर दो बाजू को बेस कांटेक्ट के रूप में जोड़ा जाता है। जो की terminal base one (B1) और base two (B2) है। 


एलुमिनियम रोड को उनके opposite side मैं रखा जाता है जो की emitter है। इसकी वजह से UJT के अंदर एक पीएन जंक्शन का निर्माण होता है। और उसे uni-junction कहा जाता है। 

Construction of UJT

operation of UJT - UJT का संचालन:

Emitter और base contact का वोल्टेज जब जीरो होता है तब युजिटी के अंदर कोई भी संचालन नहीं होता है। reverse junction होने के कारण लीकेज धारा प्रवाहित होती है। 


Emitter के ऊपर जब हम वोल्टेज बढ़ाते हैं तब ईमीटर और बेस कांटेक्ट के बीच का अंतर कम हो जाता है इसकी वजह से पीएन जंक्शन फॉरवार्ड बॉयस मोड में आ जाता है और uni-junction transistor operate होने लगता है।


Characteristics of UJT:

UJT की characteristics Emitter करंट और Emitter वोल्टेज के बीच में ड्रॉप होती है। डायोड रिवर्स बॉयस होने के कारण leakage current की वजह से कैरेक्टर स्टिक में कट ऑफ रीजन निर्माण होता है।


जब हम emitter को supply provide करते हैं तब negative resistance region का निर्माण होता है जब डायोड पुरी तरह से चलने लगता है तब saturation region बनता है। saturation region के starting point को valley point कहते हैं। 


Application of UJT - UJT के अनुप्रयोग:

  • रिलैक्सेशन ऑस्किलेटर. 
  • SCR और Triac के ट्रिगरिंग सर्किट में.
  • मोटर स्पीड कंट्रोल. 

Knowalagble post: SCR in hindi


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26 अक्तूबर 2020

electricity in hindi - इलेक्ट्रिसिटी क्या है

electricity in hindi - electricity meaning - इलेक्ट्रिसिटी क्या है

नमस्ते दोस्तों आज के इस आर्टिकल मैं आपको बताने वाला हो electricity in hindi  इलेक्ट्रिसिटी क्या है वह कैसे काम करते हैं और उसका electricity meaning क्या है। तो चलिए बिना समय गवाए आज का आर्टिकल शुरू करते हैं। 


Electricity kay hai - इलेक्ट्रिसिटी क्या है:

इलेक्ट्रिसिटी एक ऊर्जा का रूप है जिसमें इलेक्ट्रॉन प्रवाहित होते हैं इस वजह से उसे इलेक्ट्रिसिटी कहा जाता है। इलेक्ट्रॉन जो कि एक अनु (Atom) का रूप है इलेक्ट्रॉन का नेगेटिव चार्ज लगभग प्रोटॉन के पॉजिटिव चार्ज के बराबर का होता हैं।


electricity in hindi - electricity meaning


इलेक्ट्रॉन के अणुओं की संख्या प्रोटॉन के अनु के संख्या जितनी होती है जब इलेक्ट्रॉन अपना ए एक अनु कक्षा से बाहर निकाल देता है तब वह सारे इलेक्ट्रॉन के अनु मुक्त हो जाते हैं इसकी वजह से करंट पैदा होता है यानी इलेक्ट्रिसिटी का निर्माण होता है।


हमारे घर के तारों में इलेक्ट्रॉन अनु का फ्लो होता है इसकी वजह से हमारे घर के विद्युत उपकरण और टूल चलते हैं  उन तारों के अंदर  वह  मुक्त रूप से  प्रवाहित  होते रहते हैं  परिणाम  हमें  इलेक्ट्रिसिटी  मिलती है। जब इलेक्ट्रिसिटी बंद होती है तब वह हो तारों में stable रूप में होते हैं।


इलेक्ट्रिसिटी का निर्माण - electricity generation:

इलेक्ट्रिसिटी को निर्माण करने के लिए नैसर्गिक इंधनो की जरूरत पढ़ती है जिसमें मुख्य कोयला है। उसके बाद आता है डीजेल। 


कोयले से इलेक्ट्रिसिटी का निर्माण:

कोयले को पहले माइन से निकाला जाता है उसके बाद  उसे बड़े-बड़े गाड़ियों में भर के या रेलवे में भर के  इलेक्ट्रिसिटी  निर्माण  केंद्र में ट्रांसपोर्ट किया जाता है। 


इलेक्ट्रिसिटी निर्माण केंद्र में उसको लेकर छोटे-छोटे टुकड़े करके उसे एक बड़े से टैंक में डाला जाता है उसके बाद उस पर प्रोसेस करके इलेक्ट्रिसिटी का निर्माण किया जाता है।


इलेक्ट्रिसिटी का निर्माण कई सारे अन्य तरीकों से भी किया जाता है जैसे कि पवन चक्की, पानी, परमाणु घटक। 


Electricity meaning in hindi:

  • इलेक्ट्रिसिटी यानी, 
  • विद्युत ऊर्जा.
  • इलेक्ट्रिक चार्ज.
  • विद्युत.
  • इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा.

conclusion:

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13 अक्तूबर 2020

एमसीबी क्या है इन हिंदी hindi mcb.

 MCB in Hindi - एमसीबी क्या है इन हिंदी। 

नमस्कार दोस्तों आज की पोस्ट में हम बात करने वाले हैं। MCB in hindi - mcb kay hoti hai in hindi उसका निर्माण प्रकार संचालन एप्लीकेशन फायदे mcb full form और बहुत कुछ तो चलिए दोस्तों आज के आर्टिकल की शुरुआत करते हैं।


MCB kay hoti hai in hindi:

MCB का फुल फॉर्म (mcb full formminiature circuit breaker है जो कि एक प्रोटेक्टिव डिवाइस है और प्रोटेक्शन प्रदान करने का काम करती है। एमसीबी को इलेक्ट्रो मैकेनिकल डिवाइस का भी नाम हासिल है। सर्किट में फॉल्ट हो जाने पर एमसीबी ऑटोमेटिक ऑपरेट हो कर सर्किट को ट्रिप कर देता है यानी बंदकर देता है।


MCB को हम फ्यूज के जगह पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं क्योंकि यह फ्यूज से ज्यादा प्रोटेक्टिव होती है। एमसीबी मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल दोनों वर्किंग करती है। 


एमसीबी ओवरलोड और शॉर्ट सर्किट दोनों में प्रोटेक्शन प्रोवाइड करती है और फ्यूज सिर्फ शॉर्ट सर्किट प्रोटेक्शन प्रोवाइड करता है। वह पूरी तरह से इंसुलेटेड होती है इसके वजह से करंट लगनेे का खतरा नहीं रहता है।


MCB kay hai in hindi - mcb in hindi

एमसीबी का निर्माण:

एमसीबी के निर्माण में उसके अंदर मैग्नेटिक एलिमेंट बाय मेटल एलिमेंट ट्रिप बार कांटेक्ट मेटल वायर और इनपुट टर्मिनल लोड टर्मिनल रहता है।


एमसीबी के मुख्य एलिमेंट:

  • मैग्नेटिक एलिमेंट.
  • बाय मेटल एलिमेंट.
  • ट्रिप बार.
  • कांटेक्ट 
  • ऑपरेटिंग नोब.
  • बॉडी.
  • इंसुलेशन कवर. 

एमसीबी के कार्यों (function of MCB):

  • 4% से  लेकर 25% के ओवरलोड पर संचालित होता है। 
  • faulty सर्किट का नोब के माध्यम से डायरेक्शन देखा जाता है।
  • छोटे से छोटे ओवरलोड करंट में ब्रेक होता है।
  • बिना किसी उपकरण के इसे सर्किट में डायरेक्टली जोड़ा जा सकता है। 

एमसीबी की संचालन प्रक्रिया:

एमसीबी के संचालन की दो प्रक्रिया है जो कि निम्नलिखित है।
  • थर्मल ऑपरेशन.
  • हैमर ट्रिप ऑपरेशन.

एमसीबी high current ttrippingकरने वाला डिवाइस है जो की मैग्नेटिकली current को ट्रिप करता है। 


1). थर्मल ऑपरेशन:

थर्मल ऑपरेशन में बाय मैटेलिक पट्टी ओवरलोड करंट या fault हो जाने पर गरम होकर latch mechanism से move होती है। इसकी वजह से सर्किट ट्रिप हो जाता है। वहां पर वह पट्टी heating के माध्यम से थर्मल ऑपरेशन परफॉर्म करती है।


2). हैमर ट्रिप ऑपरेशन:

जब सर्किट में शॉर्ट सर्किट या फॉल्ट होता है तब solenoid coil को सक्रिय किया जाता है इसकी वजह से बहुत सारी मैग्नेटिक फील्ड तैयार होकर plunger संचालित होता है और वह कांटेक्ट खोलने के लिएatch system को release कर देता है और ट्रिपिंग लीवर को आगे धकेल देता है। 


इसके वजह से  एमसीबी  ट्रिप हो जाती है यह शॉर्ट सर्किट प्रोटेक्शन के लिए मैग्नेटिक ऑपरेशन की सहायता करता है। 


एमसीबी के प्रकार:

एमसीबी मुख्य रूप से सात प्रकार की होती है जो कि निम्नलिखित है।
  1. दो पोल वाली एमसीबी. 
  2. फोर पोल वाली एमसीबी. 
  3. बी -  प्रकार की एमसीबी. 
  4. सी - प्रकार की एमसीबी
  5. डी - प्रकार की एमसीबी
  6. के - प्रकार की एमसीबी
  7. झेड - प्रकार की एमसीबी

दो पोल वाली एमसीबी:

double पोल एमसीबी में एक वायर phase का और दूसरा वायर न्यूट्रल का रहता है। इसे मुख्य रूप से सिंगल फेज लाइन में इस्तेमाल किया जाता है। यह ज्यादातर घरों में ही इस्तेमाल की गई दिखेगी।

Double pole MCB

फोर पोल वाली एमसीबी:

four पोल एमसीबी में तीन वायर phase के और एक वायर न्यूट्रल का रहता है। इसे मुख्य रूप से तीन फेज लाइन में इस्तेमाल किया जाता है। यह ज्यादातर इंडस्ट्रीज घरों औरlighting system मैं इस्तेमाल किया जाता है। 

बी - प्रकार की एमसीबी:

बी - प्रकार की एमसीबी की क्षमता अगर ५ Amp से लेकर लगभग १५ Amp तक की करंट प्रवाहीत करने की है अगर करंट १५ Amp से ज्यादा हो गया तो वह एमसीबी ट्रिप हो जाएगी। और ज्यादा करंट प्रवाहित हो जाने की वजह से एमसीबी का नुकसान भी हो सकता है।


सी - प्रकार की एमसीबी:

सी - प्रकार की एमसीबी की क्षमता अगर १० Amp से लेकर लगभग ५० Amp तक की करंट प्रवाहीत करने की है अगर करंट ५० Amp से ज्यादा हो गया तो वह एमसीबी ट्रिप हो जाएगी। 


डी - प्रकार की एमसीबी:

डी - प्रकार की एमसीबी की क्षमता अगर २० Amp से लेकर लगभग ७० Amp तक की करंट प्रवाहीत करने की है अगर करंट १०० Amp से ज्यादा हो गया तो वह एमसीबी ट्रिप हो जाएगी। और ज्यादा करंट प्रवाहित हो जाने की वजह से एमसीबी और डिव्हाइस का नुकसान भी हो सकता है।


के  - प्रकार की एमसीबी:

के - प्रकार की एमसीबी की क्षमता अगर १ Amp से लेकर लगभग १० Amp तक की करंट प्रवाहीत करने की है अगर करंट १५ Amp से ज्यादा हो गया तो वह एमसीबी ट्रिप होगी और १५ Amp से ज्यादा करंट प्रवाहित हो जाने की वजह से एमसीबी का नुकसान भी हो सकता है।


झेड  - प्रकार की एमसीबी:

झेड - प्रकार की एमसीबी की क्षमता अगर १०० Amp से लेकर लगभग १५० Amp तक की करंट प्रवाहीत करने की है अगर करंट १५० Amp से ज्यादा हो गया तो एमसीबी ट्रिप हो जाएगी। और ज्यादा करंट प्रवाहित होने की वजह से एमसीबी का नुकसान भी हो सकता है।

एमसीबी के फायदे:

  • यह कम से कम समय में संचालित होती है। 
  • फ्यूज से बेहतरीन प्रोटेक्शन देता है।
  • फॉल्ट होने के बाद एमसीबी को ठीक कर के मैन्युअल रूप से संचालित किया जा सकता है।
  • इसके मेंटेनेंस में कोई भी ज्यादा खर्चा नहीं लगता है।
  • longer life. 

एमसीबी के नुकसान:

  • डिवाइस का नुकसान हो जाने पर पूरा का पूरा यूनिट बदलने की आवश्यकता।

एमसीबी क्यों यूज़ करनी चाहिए?

एमसीबी हमें इक्विपमेंट प्रोटेक्शन और खुद के प्रोटेक्शन के लिए यूज़ करनी चाहिए क्योंकि एमसीबी यूज करने के बाद हमें करंट भी लग जाता है तो एमसीबी अपने आप ट्रिप हो जाएगी और हमें करंट से बचा लेगी।


एमसीबी के अनुप्रयोग (Application):

एमसीबी 2 सीरीज की होती है जो कि निम्न निम्नलिखित लिखित है। 
  • Home equipment protection. 
  • इंडस्ट्रीज। 
  • सोलर पावर सिस्टम। 
  • ऑफिसेज। 
  • डिस्ट्रीब्यूशन बोर्ड। 
  • शॉप। 

conclusion दोस्तों आपको MCB in Hindi- mcb kay hai in Hindi उसका इस्तेमाल संचालन फायदे नुकसान और अन्य जानकारी आपको अच्छी लगी होगी। दोस्तों इस आर्टिकल को शेयर करें। और हां कमेंट भी करना ना भूले। 


































21 सितंबर 2020

Only SCR in hindi-SCR kay hai full explain in hindi

Only SCR in hindi-SCR kay hai full explain in hindi

हॅलो friend कैसे है आप आशा करता हू ठीक होगें आज की पोस्ट में हम SCR in hindi-SCR kay hai उसकी परिभाषा, निर्माण, symbols, Application और अन्य जानकारी के बारे में जानेंगे तो चलिए शुरू करते हैं।


परिभाषा-definition of SCR in Hindi:

SCR एक thyristor डिव्हाइस है जो कि जादा पाॅवर को handle कर सकता है यह काम दुसरे सेमीकंडक्टर डिव्हाइस नहीं कर पाते। यह काम सिर्फ SCR ही करता है।


SCR kay hai-what is SCR:

SCR thyristor family डिव्हाइस है  SCR का फुल फॉर्म सिलिकॉन कंट्रोल रेकटिफायर हे  जो १९५७ में General Electric research laboratory ने बनाया था।


यह unidirectional का काम करता हे uni यांनी एक ही दिशा में करंट के प्रवाह काम करता है। SCR power control thyristor श्रेणी मे आता है। 


इसके तिन टर्मिनल अनौड कैथोड गेट और चार लिअर p, n, p, n हे जिससे तिन जंक्शन नो का निर्माण होता है। जंक्शन j1, j2, और j3. 


इसे मुख्य तौर पर इलेक्ट्रॉनिक में पाॅवर कंट्रोल करने में इस्तेमाल किया जाता है।


Symbol:

Symbol of SCR in hindi

SCR के symbol में उसके तिन मुख्य टर्मिनल कैथोड, अनौड और गेट टर्मिनल है। 


construction:

SCR के construction में चार लिअर p, n, p, n और तिन टर्मिनल अनौड कैथोड गेट है अनौड को A से कैथोड को K से और गेट को G से दिखाते हैं।

Construction of SCR in hindi


p, n, p, n लिअर की वजह से SCR में तिन जंक्शन का निर्माण हुआ है अगर हम दो डायोड को जोड दे तो SCR का निर्माण होता है कयुकी डायोड में दो ही लिअर होते हैं P, N. जैसे कि निचे दिये गये आकृती में है। 

Construction of SCR in hindi


SCR working:

SCR के कार्य के मुख्य तीन प्रकार है जो कि निम्नलिखित है।

  1. रिवर्स ब्लॉकिंग स्टेट. 
  2.  फॉरवर्ड ब्लॉकिंग स्टेट. 
  3. फॉरवर्ड कंडकटीग स्टेेट.

1). रिवर्स ब्लॉकिंग स्टेट:

Reverse blocking state में SCR विद्युत धारा को उलटा (reverse) प्रवाह करता है।


2).फॉरवर्ड ब्लॉकिंग स्टेट:

forward blocking state की अवस्था में SCR विद्युत धारा को सीधे प्रवाह करता है।


3).  फॉरवर्ड कंडकटीग स्टेेट:

इस अवस्था में SCR अपना काम करने लगता है यांनी SCR ON हो जाता है।


इसे भी पढे।  LASCR kay hai in hindi

Application:

  1. Controlled rectifier. 
  2. बैटरी चार्जर। 
  3. स्टेबिलाइझर. 
  4. इनवर्टर. 
  5. फैन स्पीड रेगुलर. 
  6.  स्विच के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
 

विनंती: आज की पोस्ट SCR in Hindi-SCR kay hai in Hindi पसंद आये तो कमेंट बॉक्स में कमेंट करे और आपने दोस्तों के साथ शेअर जरूर करें। धन्यवाद! 


20 सितंबर 2020

LASCR in hindi-LASCR कया है पुरी जानकारी हिंदी में।

 LASCR in hindi-LASCR कया है in hindi

Hello दोस्तों आज हम देखेगे की LASCR in hindi-LASCR कया है in hindi. उसकी परिभाषा, symbol, निर्माण, अनुप्रयोग के बारे में knowledge शेअर करेंगे तो चलिए शुरू करते हैं।


Definition-परिभाषा:

एक ऐसा डिव्हाइस जो कि लाइट से एक्टिवेट हो कर अपना काम कर सकता है उसे LASCR कहते हैं।


LASCR कया है- what is LASCR in hindi:

LASCR का फुल फॉर्म लाइट एक्टिवेट सिलीकॉन स्विच है। इसका नाम ऐसा इसलिए हे की वह लाइट से भी एक्टिवेट हो जाता है।


यह एक thyristor family डिव्हाइस है जो कि लाइट पर भी एक्टिवेट होता हे और power supply पर भी। इसके तिन टर्मिनल अॅनौड कैथोड और गेट है।


चार लिअर से बनी यह एक छोटी डिव्हाइस है जो इलेक्ट्रॉनिक equipment में बहुत काम आती हैं।


Symbol:
LASCR symbol in hindi

LASCR के symbol के मुख्य तिन टर्मिनल Anode, cathode और गेट। symbol पर दो Arro लाइट के है। इसका symbol SCR से बहुत मिलता जुलता है।


निर्माण (construction) :

निर्माण आकृती में LASCR के चार लिअर p, n, p, n है और तिन टर्मिनल अनौड, कैथोड, और लाइट यांनी गेट टर्मिनल है।

Construction of LASCR in hindi

p, n, p, n, लिअर से तीन जंंक्शन का निर्माण होता है।  
जंंक्शन एक, जंंक्शन दो और जंंक्शन तीन जैैसे की निचे दिये गये आकृृती दिखाई दे रहा है।


Construction of LASCR in hindi

v-i characteristics:

LASCR केेेेेे v-i characteristics में चार quadrant हैै। फॉरवर्ड ब्रेकडाउन वोल्टेज जब कम होता है तब लाइट intensity increase होती है।


Ratings of LASCR:

  1. फॉरवर्ड वोल्टेज   :   4000 वोल्टेज तक। 
  2. फॉरवर्ड करंट      :   1500 A तक। 
  3. लाइट triggering power   :    100mW से कम। 

Application:

  1. optical light control. 

  2. Relays. 

  3. Motor control. 

  4. Phase control. 

  5. HVDC. 


इसे भी पढे।    TRIAC in hindi.


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